सितारों के जलते आंसू

सितारों के जलते आंसू
दिखते नहीं आंसू सितारों के,
चुभते हुए कांटे और सूखे फूल बहारों के.
आसमां पे या जमीं के सितारे‚ शोहरत की बुलंदी पर,
अद्धबूझे सितारों की त्रासदी‚ राख में लिपटे अंगारो के.
चैपलिन की “लाईम लाईट”‚राजकपूर का ‘जोकर‚’ गुरुदत का ‘कागज का फूल’,
दिखाते हैं, बुझते सितारों के दर्द और उन पर पडी धूल.
रोशनी के झुरमुठ में ये आंसू, हम देख नहीं पाते,
तन्हाई की अंधेरी खाई में ये सितारे डूबते ही चला जाते..
सितारों के चमकते चरम पर, कैद कर लते हैं ‘ग्लैमर’ के कई प्रकार,
बनावट और दिखावट विलासी जीवन के हो जाते हैं शिकार.
प्रेम या सेक्स के अनेक प्रकरण और शराब और ड्रग्स की आदत और बेवफाई से कितनी बार आहत,
‘लेेेेकिन नहीं है सब टूटे हुए तारे’ कुछ महान भूमिकओं में अमर और उनका है रचना का अदभुत संसार.

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