शुक्रिया
शुक्रिया तेरी बेवफाई का,
खत्म हो गई आशनाई का.
मातम और जस्न दोनों लाजमी हैं,
रेशमी कैद से मेरी रिहाई का.
एक तरफ़ा ही सही, मुहब्बत की लव अभी भी जलती है,
यादों की बिजली तड़पती.
नहीं चाहता की मिट जाए प्यार की खुशबू ,
मेरे दिल से तेरे लिए दुआ ही निकलती है.
मोहब्बत मैं न कर सका,
तूने दिल तोड़ने की मुश्किल काम तो किया.
इतना गम मिला की अब कोई गम नहीं,
तीर खाकर दिल ताकतवर हो गया.
रौंदने पर भी फूल बिखेरता है खुशबू,
जरूरी नहीं उमीद और आरजू .
मुहब्बत का सूरज और चाँद अकेला ही सक्ष्यंम है रौशनी के लिए,
शुक्रिया, दिल तोड़ने की इनायत के लिए.
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